मुझे अपना बना लो Hindi Poetry by Writer Ranjot Singh

मुझे प्यास बना लो
एक अहसास बना लो
जिसके बिना ना जी पाओ
अपनी जान बना लो
अपने दिल की आवाज बना लो
और मुझे अपना अल्फाज बना लो
धड़कता रहूं तुम्हारे दिल में हर पल
अपनी धड़कन बना लो
इस तरह बसा लो मुझे आंखों में
एक प्यारा ख्वाब बना लो
मुझे सारी दुनिया से छुपा लो
और एक राज बना लो
जब आए मेरी याद
आंखों में बसा एक आंसू बना लो
रखो मुझे हर पल अपने पास
गले में पहना हुआ एक ताबीज बना लो
जिसके साथ कर सको जिंदगी का हर फैसला
जीवन साथी बना लो
आज बन जाओ मेरी जिंदगी
मुझे अपना बना लो,
आप बन जाओ मेरी जिंदगी
और मुझे गले से लगा लो

मुझे अपना बना लो , मुझे अपना बना लो

Feeling of Jot ( Hindi Poetry by Ranjot Singh )

जोत की तुझसे प्रीत लगी
अब तुझ बिन जोत कहीं का नहीं
जीने का मकसद तुम बन गई
अब जिंदगी जोत कि तुम से ही

मरता था तुझ पर हर पल वो
अब मौत से बढ़कर तुम बन गई
ऐसी जोत की तुझसे प्रीत लगी
उसे तुम बिन अब कोई दिखता नहीं

तुम्हारे पीछे पीछे रहता है
तुम्हारे साथ चलने की चाहत में
तुम बना लो जोत को अपना
क्योंकि जोत तो तुम्हारा है
क्योंकि जोत तो तुम्हारा है

Feeling of Jot ( Hindi Poetry by Ranjot Singh )